रायपुर । मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का सीधा असर अब राजधानी रायपुर सहित पूरे देश में देखने को मिल रहा है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में करीब 60 रुपया और कमर्शियल सिलेंडर में 114 रुपया की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। युद्ध और बढ़ते वैश्विक तनाव का असर छत्तीसगढ़ के घरेलू बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। कीमत बढ़ने के साथ ही गैस सिलेंडर की सप्लाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। राजधानी रायपुर सहित कई इलाकों में सिलेंडर की डिलीवरी 5 से 6 दिन तक लेट चल रही है। जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने और सप्लाई में देरी के कारण आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। कई लोगों का कहना है कि समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से रसोई का काम प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में अस्थिरता बनी रहती है तो आने वाले समय में गैस की कीमतों और सप्लाई पर और असर पड़ सकता है।
गैस सिलेंडर के लिए करना पड़ रहा है इंतजार
राजधानी रायपुर में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई सुचारू नहीं चल रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग कराने के बाद भी उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। जिससे वह बहुत ही परेशान हो रहे है। वहीं लोगों कहना है कि शहर के विभिन्न इलाकों में गैस सिलेंडर की डिलीवरी में लगातार देरी हो रही है। बताया जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी समस्याओं के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
सिलेंडर की डिलीवरी में कई दिनों की देरी
एलपीजी कंपनियों के नियमों के अनुसार एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 21 से 25 दिनों के भीतर ही बुक किया जा सकता है। कंपनियों का लक्ष्य बुकिंग के 24 घंटे के भीतर सिलेंडर पहुंचाने का होता है, लेकिन होली के बाद से कई क्षेत्रों में डिलीवरी में लगभग 5 दिनों तक की देरी देखने को मिल रही है।
स्टॉक पर्याप्त होने का दावा
एलपीजी एजेंसी संचालकों का कहना है कि रायपुर में गैस का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। हालांकि होली की छुट्टियों के कारण कई कर्मचारी अभी तक काम पर वापस नहीं लौटे हैं। जिसके चलते डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम प्रभावित हुआ है। संचालकों के अनुसार उन्हें घरेलू और कमर्शियल दोनों प्रकार के एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई सीमित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे वितरण प्रक्रिया धीमी हो गई है।
शहर में गैस को लेकर चिंता बढ़ी
शहर में रसोई गैस की कमी साफ दिखाई दे रही है। उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है। केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया जा रहा है। लेकिन जमीनी स्थिति अलग दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि उन्हें गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही। एजेंसियों की ओर से बताया जा रहा है कि गैस मिल जाएगा। लेकिन कई उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग के बाद ओटीपी और बुकिंग नंबर भी नहीं मिल पा रहा, जिसके कारण एजेंसियां नियमों का हवाला दिया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए कई लोग एक के बजाय दो-दो सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं। जिससे एजेंसियों पर दबाव और बढ़ गया है। इससे शहर में गैस को लेकर चिंता और बढ़ती जा रही है।
