छत्तीसगढ़ में स्कूली गणवेश आपूर्ति का शुभारंभ : 50 लाख से अधिक गणवेश तैयार, वितरण में गड़बड़ियों के चलते अक्सर विवादों में

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा संघ ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्कूली गणवेश आपूर्ति का कार्य प्रारंभ कर दिया है। इस वर्ष स्कूल शिक्षा विभाग, लोक शिक्षण मदरसा एवं समग्र शिक्षा मद के अंतर्गत कुल 25,57,130 बालक-बालिकाओं को गणवेश प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक छात्र को दो सेट के मान से कुल 51,11,362 गणवेश सेट तैयार कर आपूर्ति किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि गणवेश वितरण में प्रदेश के कई स्कूलों में गड़बड़ी और अनियमितताएं पाई गई थी। प्रशासन द्वारा स्कूली बच्चों के निःशुल्क गणवेश वितरण में लापरवाही, गणवेश की कम गुणवत्ता, और फर्जीवाड़े के मामले सामने आए थे। वहीं, हाल ही में बलरामपुर जिले में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को गड़बड़ी के आरोप में निलंबित किया गया था । रायगढ़ जिले में भी अनियमितताओं के खिलाफ हाईकोर्ट ने शासन से जवाब तलब किया था।

वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग ने पूर्व में लाखों बच्चों को गणवेश वितरण का दावा किया था। लेकिन जमीनी स्तर पर सामने आने वाली गड़बड़ियों के कारण यह योजना अक्सर विवादों में रहती है।

गणवेश की सिलाई का जिम्मा महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा

जानकारी के अनुसार प्रारंभिक चरण में बस्तर संभाग से गणवेश वितरण शुरू किया गया है। जहां कुल 8.16 लाख गणवेश सेट की आपूर्ति की जानी है। राज्य हाथकरघा संघ द्वारा गणवेश निर्माण का कार्य प्राथमिक बुनकर सहकारी समितियों के माध्यम से कराया जा रहा है, जबकि सिलाई का जिम्मा प्रदेशभर के महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है।
वर्तमान में संघ से 1961 स्व-सहायता समूह और 320 बुनकर सहकारी समितियां जुड़ी हुई हैं। इस पहल के माध्यम से प्रदेश के एक लाख से अधिक लोगों को बुनाई और सिलाई के जरिए रोजगार उपलब्ध हो रहा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है।

कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को नि :शुल्क गणवेश वितरित

संघ का कहना है कि सभी लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने जा रही है। सभी गणवेश शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व ही स्कूलों तक पहुंचाएं जा रहे हैं। यह गणवेश प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को वितरित किए जाएंगे। इस वर्ष गणवेश का डिजाइन भी नया रखा गया है। छात्रों को चेक प्रिंट शर्ट और स्लेटी रंग की ट्यूनिक/पैंट प्रदान की जाएगी, जिससे एकरूपता के साथ आकर्षक लुक भी सुनिश्चित होगा। सरकार ने 2026-27 के शिक्षा बजट में सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए निःशुल्क गणवेश योजना के तहत ₹55 करोड़ का प्रावधान किया है।

गणवेश वितरण में लापरवाही

वर्ष 2025-26 में 1,58,244 प्रति विद्यार्थी-छात्रों के लिए कुल 3,16,488 गणवेश प्राप्त हुए थे। जिनमें से 2,38,066 गणवेश विद्यार्थीयों को दिए गए थे। लेकिन कई जिले के अधिकारियों द्वारा हितग्राही छात्रों की संख्या त्रुटिपूर्ण बताई गई। जिससे बड़ी मात्रा में गणवेश शेष रह गए। इसे शासन ने गंभीर कदाचार एवं अनुशासनहीनता माना था।