दुर्ग। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट में मंगलवार को बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। प्लांट के एक यूनिट में टर्बाइन में अचानक विस्फोट होने के बाद भीषण आग लग गई, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना में कई मजदूर घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा प्लांट के पीबीएस-2 यूनिट में हुआ, जहां कामकाज के दौरान टर्बाइन में तेज धमाका हुआ। धमाके के साथ ही आग तेजी से फैलने लगी और देखते ही देखते आसपास का इलाका धुएं से भर गया। आग इतनी तेजी से फैली कि वहां मौजूद कर्मचारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। स्थिति बिगड़ते देख कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। चारों तरफ आग और धुआं फैलने से बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा था। ऐसे में कुछ कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए केबल को खोलकर खिड़की से नीचे बांधा और उसी के सहारे एक-एक कर नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। इस दौरान कई मजदूरों के हाथ छिल गए और वे घायल हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्लांट के वरिष्ठ अधिकारी भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। इस हादसे में करीब 8 मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें नियमित कर्मचारी और ठेका श्रमिक दोनों शामिल हैं। घायलों को पहले प्लांट के मेन मेडिकल पोस्ट में प्राथमिक उपचार दिया गया, इसके बाद गंभीर रूप से घायल कर्मियों को सेक्टर 9 हॉस्पिटल रेफर किया गया। यहां उनका एक्स-रे और अन्य जरूरी जांच की जा रही है। एक कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर की भी पुष्टि हुई है।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रबंधन और प्रशासन की टीम मामले की जांच में जुट गई है। शुरुआती तौर पर टर्बाइन में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक वजह जांच के बाद ही सामने आएगी। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय रहते कर्मचारियों की सतर्कता और सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया, वरना नुकसान और भी गंभीर हो सकता था।
