नई दिल्ली। ट्यूनीशिया की राजधानी ट्यूनिस में स्थित बार्डो नेशनल म्यूजियम केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि प्राचीन सभ्यताओं का एक जीता जागता दस्तावेज है। यह स्थान कभी ट्यूनीशिया के शासकों का आलीशान निवास हुआ करता था, जिसे ‘बार्डो महल’ के नाम से जाना जाता था। आज यह अपनी भव्य वास्तुकला और दुर्लभ ऐतिहासिक संग्रह के कारण दुनिया के सबसे मशहूर संग्रहालयों में गिना जाता है। आपको बता दें की बार्डो संग्रहालय की स्थापना साल 1888 में हुई थी, जो इसे ट्यूनीशिया का सबसे पुराना संग्रहालय बनाता है। जिस इमारत में यह स्थित है, वह खुद कला का एक उत्कृष्ट नमूना है। शासकों का महल होने के कारण इसकी बनावट में इस्लामी और भूमध्यसागरीय वास्तुकला का अनोखा संगम देखने को मिलता है। वहीं इस संग्रहालय की सबसे बड़ी खासियत इसका रोमन मोजेक संग्रह है। मोजेक छोटी रंगीन टाइल्स या पत्थरों से बनाई गई वे कलाकृतियां हैं, जो सदियों बाद भी कला प्रेमियों को आकर्षित कर रही हैं। बार्डो में स्थित यह संग्रह दुनिया के सबसे बड़े मोजेक संग्रहों में से एक है। इन कलाकृतियों में प्राचीन देवताओं, ऐतिहासिक युद्धों, समुद्री जीवन और उस समय के आम जनजीवन को बेहद बारीकी से उकेरा गया है। बार्डो संग्रहालय केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि प्राचीन इतिहास और संस्कृति के अध्ययन का एक प्रमुख केंद्र भी है। यहां कई प्रमुख सभ्यताओं से जुड़ी अनमोल धरोहरें सुरक्षित हैं, जैसे- फोनीशियन सभ्यता, कार्थाजिनियन सभ्यता, रोमन सभ्यता, बाइजेंटाइन साम्राज्य इन सभ्यताओं के अवशेषों को देखकर शोधकर्ता और इतिहास प्रेमी प्राचीन विश्व की कला और जीवन शैली को गहराई से समझ सकते हैं। वहीं बार्डो संग्रहालय के इतिहास में एक काला अध्याय भी जुड़ा है। 18 मार्च 2015 को यहां एक आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें कई पर्यटकों और स्थानीय लोगों की जान गई थी। यह ट्यूनीशिया के लिए एक बड़ा आघात था। हालांकि, कला और इतिहास की शक्ति के सामने नफरत हार गई। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करके संग्रहालय को दोबारा खोला गया, ताकि दुनिया भर के कला प्रेमी बिना किसी डर के इस सांस्कृतिक विरासत का दीदार कर सकें।
टूरिस्ट के लिए बेस्ट प्लेन: शाही मशहूर संग्रहालयों में से एक ट्यूनीशिया का बार्डो म्यूजियम
