नासिक। विशेष जांच दल (SIT) की कड़ी पूछताछ में अशोक खरात के बेटे ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. उसने स्वीकार किया कि उनके घर में भारी मात्रा में नकदी आती थी और पिता द्वारा महिलाओं के यौन शोषण और श्रद्धालुओं से करोड़ों की ठगी के मामलों में वह भी अवगत था. SIT के सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी और जांच का अगला चरण 5 अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
नासिक के जालसाज अशोक खरात के बेटे ने SIT के सामने कबूला है कि उनके घर में भारी मात्रा में नकदी आती थी, जिस पर पूरी तरह अशोक खरात का नियंत्रण था.अशोक खरात के बेटे ने बताया- हमारे घर में भारी मात्रा में नकदी लाई जाती थी. मुझे नहीं पता था कि यह पैसा कहां से आ रहा है, लेकिन इस पूरे वित्तीय लेन-देन पर मेरे पिता अशोक खरात का सीधा नियंत्रण था. हर एक रुपया उनके आदेश पर ही आता और जाता था. बेटे के इस बयान से यह साफ हो गया है कि खरात के घर में पैसों का एक बड़ा अवैध नेटवर्क सक्रिय था, जिसे वह धर्म के नाम पर संचालित कर रहा था.अशोक खरात की कार्यप्रणाली बेहद क्रूर थी. वो लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने में माहिर था. वो भक्तों को डराता था. बड़ी विपत्ति को टालने के नाम पर वह विशेष पूजा-पाठ के लिए लाखों रुपये ऐंठता था. इसी डर और मानसिक दबाव का फायदा उठाकर उसने कई महिला भक्तों का यौन शोषण भी किया.
रात ने भक्तों के पैसे से अकूत संपत्ति खड़ी कर ली है. SIT अब उसके सभी बैंक खातों, बेनामी संपत्तियों और निवेश के दस्तावेजों को खंगाल रही है. जल्द ही शिवनिका संस्थान का विस्तृत फाइनेंशियल ऑडिट किया जाएगा. पुलिस को उम्मीद है कि खरात के बेटे के इस खुलासे के बाद इस सिंडिकेट में शामिल कुछ सफेदपोश और बड़े नामों के चेहरे भी बेनकाब होंगे. नासिक पुलिस हलकों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में किसी बड़े वित्तीय घोटाले का आधिकारिक ऐलान हो सकता है.
SIT ने ईशान्येश्वर मंदिर के शिवनिका संस्थान के तीन निदेशकों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की है. जांच में भारी वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या इन संस्थानों का इस्तेमाल काले धन को खपाने के लिए शेल कंपनियों की तरह किया जा रहा था. बेटे द्वारा दी गई जानकारी के बाद पुलिस को अब इस मामले में बड़े हवाला रैकेट का संदेह है. श्रद्धालुओं से लूटी गई रकम को सफेद करने के लिए खरात ने कई वित्तीय हथकंडे अपनाए थे. पुलिस को अब बड़े हवाला रैकेट और वित्तीय धोखाधड़ी का संदेह है. जांच टीम अब शिवनिका संस्थान के खातों और खरात की बेनामी संपत्तियों का ऑडिट कर रही है.
