दुर्ग के बाद बलरामपुर में अफीम की खेती, “प्रदेश में नशे का फैलता नेटवर्क बेहद गंभीर विषय : अरुण वोरा

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दुर्ग । छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दुर्ग जिले में हाल ही में अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद अब बलरामपुर जिले में भी करीब 5 एकड़ क्षेत्र में अफीम की फसल मिलने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार त्रिपुरी क्षेत्र के सरनाटोली गांव के पास जंगल किनारे इस अवैध खेती को अंजाम दिया जा रहा था। खेत में अफीम की फसल लहलहा रही थी और डोडे पूरी तरह तैयार हो चुके थे, जिनमें चीरा भी लगाया जा चुका था। ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इस घटना को लेकर प्रदेश में अवैध नशे के कारोबार और उसकी निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।

एक के बाद एक जिलों में अफीम की खेती का सामने आना यह बताता है कि मामला केवल एक जगह तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि यह स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश में नशे का संगठित नेटवर्क तेजी से फैल रहा है।भाजपा सरकार को इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और प्रदेश की जनता को बताना चाहिए कि आखिर नशे का यह कारोबार किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है।

प्रदेश में नशे का अवैध कारोबार गहराई तक फैल चुका है। यदि समय रहते सख्त और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह पूरे छत्तीसगढ़ की सामाजिक व्यवस्था और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।छत्तीसगढ़ की पहचान मेहनतकश किसानों और धान के उत्पादन से रही है, लेकिन आज जिस तरह प्रदेश में नशे की खेती के मामले सामने आ रहे हैं, वह पूरे राज्य के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच हो तथा जो भी लोग इसमें शामिल हों, उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए,ताकि प्रदेश को नशे के इस बढ़ते जाल से बचाया जा सके।