दिल्ली। दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन में रविवार को एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। रामलीला मैदान में आयोजित भव्य समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 500 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के बेड़े में शामिल किया। इस ऐतिहासिक मौके पर राजधानी दिल्ली से पानीपत के बीच नई अंतरराज्यीय ई-बस सेवा का भी शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इन 500 नई ईवी बसों के शामिल होने के साथ, दिल्ली अब देश में सबसे बड़े ई-बस बेड़े वाला राज्य बन गया है। इस विशेष कार्यक्रम में दिल्ली के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, डॉ. पंकज कुमार सिंह, रविंदर इंद्राज, कपिल मिश्रा, साथ ही कई विधायकगण और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत देकर एक मजबूत और निर्णायक सरकार का गठन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरी दिल्ली बधाई की पात्र है। डीटीसी के 500 नई इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल करने के भव्य अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों की दिल्ली को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री लगातार समर्पण भाव से कार्य कर रही हैं। नितिन नवीन ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दिल्ली की जनता को 500 नई ई-बसों का उपहार देना एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम है।
वहीं उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने बड़े-बड़े वादे किए, होर्डिंग लगाई और घोषणाएं कीं, लेकिन ज़मीन पर परिणाम नहीं दिखे। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने धरातल पर कार्य करते हुए साबित कर दिया है कि यह परिणाम देने वाली सरकार है। नितिन नवीन ने बताया कि सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन’ नीति, प्रशासन में डिजिटल पारदर्शिता और निर्णयों में जवाबदेही बीते एक वर्ष में स्पष्ट रूप से दिखाई दी है। उन्होंने आगे कहा, “जहां नीयत सही होती है, वहीं नीति सही बनती है और सही नीति से निर्णायक नेतृत्व का निर्माण होता है।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार इसी भावना के साथ काम करती रहेगी और विकास योजनाओं को और आगे बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिल्ली के इतिहास में पहली बार है जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नई ई-बसें बेड़े में जोड़ी गई हैं। इन बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या अब 4,000 से अधिक हो गई है, जिससे राजधानी देश में सबसे बड़े ई-बस बेड़े वाला शहर बन गई है। इसके साथ ही, सरकार ने दिल्ली–पानीपत के बीच तीन नई इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का भी शुभारंभ किया है, जिससे हजारों यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और प्रदूषण-मुक्त यात्रा का लाभ मिलेगा। रेखा गुप्ता ने आगे बताया कि सरकार का लक्ष्य 2026 के अंत तक ई-बसों की संख्या 7,500 और 2028 तक 14,000 तक बढ़ाने का है। उन्होंने कहा कि यह कदम सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, हरित और सुविधा संपन्न बनाने की दिशा में मील का पत्थर है और राजधानी को पर्यावरण अनुकूल और तकनीक-संचालित शहर बनाने में मदद करेगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को डीटीसी के 500 नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने और सार्वजनिक परिवहन में सुधार के अवसर पर कहा कि 8 फरवरी 2025 का दिन दिल्ली के लिए ऐतिहासिक था। उन्होंने बताया कि उस दिन दिल्ली की जनता ने 70 में से 48 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट जनादेश देकर आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उसी दिन से दिल्ली के विकास की नई नींव रखी गई। जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपने विश्वास का इजहार किया और ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र के साथ स्थिर और निर्णायक सरकार का गठन किया गया। रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि 27 वर्षों के बाद दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी, और तभी से राजधानी में विकास और विश्वास की नई रेखाएं खींची जाने लगीं। उन्होंने बताया कि उनके सभी विधायक, मंत्री और पूरी टीम ने बीते 365 दिनों में दिल्ली की जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और लम्बे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर काम किया। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल संख्यात्मक वृद्धि तक सीमित नहीं है। राजधानी में बेहतर कनेक्टिविटी, ज़ीरो-एमिशन ट्रांसपोर्ट और भविष्य-तैयार शहरी मोबिलिटी सिस्टम के निर्माण के लिए लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली अब ग्रीन मोबिलिटी और क्लीन ट्रांसपोर्ट के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभर रही है।
