15 जून का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आज सूर्यदेव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश कर रहे हैं। दोपहर 12:53 बजे होने वाला यह राशि परिवर्तन मिथुन संक्रांति के नाम से जाना जाता है। संक्रांति का पुण्यकाल दोपहर 12:59 बजे से शाम 7:20 बजे तक रहेगा, जबकि महापुण्यकाल 12:59 बजे से 3:19 बजे तक माना गया है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य आत्मबल, नेतृत्व, सम्मान और प्रशासनिक कार्यों के कारक ग्रह हैं, वहीं मिथुन राशि के स्वामी बुध बुद्धिमत्ता, संवाद और व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश लोगों की सोच, निर्णय लेने की क्षमता और संचार कौशल पर विशेष प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान शिक्षा, व्यापार, यात्रा और नए संपर्कों से जुड़े कार्यों में तेजी आने की संभावना है। इस गोचर के दौरान मिथुन राशि में सूर्य, चंद्रमा और बुध की युति बनने से मानसिक सक्रियता और नई योजनाओं पर काम करने की प्रेरणा मिलेगी। मिथुन, सिंह, तुला और कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। करियर में प्रगति, आय में बढ़ोतरी, सम्मान और नए अवसर मिलने के संकेत हैं।
वहीं वृषभ, कर्क, वृश्चिक, धनु, कुंभ और मीन राशि के लोगों को थोड़ा सतर्क रहने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां, कार्यक्षेत्र में चुनौतियां, आर्थिक उतार-चढ़ाव और पारिवारिक तनाव जैसी स्थितियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में धैर्य और समझदारी से निर्णय लेना लाभकारी रहेगा। मिथुन संक्रांति 2026 कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आ रही है, जबकि कुछ लोगों को सावधानी और संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता होगी।
