आज कल शहर में रहने वाले लोगों के लिए बड़ा बगीचा होना उसमे खुभ सरे फूल, पौधे, फल, सब्जियां देखना तो मनो न मुमकिन हो गया है। इसीलिए कंटेनर गार्डनिंग, यानी गमलों में पौधे उगाना, आजकल बहुत पॉपुलर हो रहा है। साथ ही बहुत से लोग अब अपनी बालकनी और छतों पर गमलों में फूल, सब्जियां और फल भी उगा रहे हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि आपका बगीचा हरा-भरा और सुंदर दिखे, तो सूरजमुखी एक बहुत अच्छा ऑप्शन है। ये चमकीले पीले फूल धूप में एक अलग ही चमक देते हैं। जिसे देखने के बाद आपके चेहरे पर भी अलग सा ग्लो आ जायेगा। क्योकि सूरजमुखी का पौधा धूप में ही खिलता है और उस पौधे से शुद्ध और तारो तजा करने वाला ऑक्सीजन रिलीज होता है तो आपके चेहरे में चमक बनाये रखता है। वहीं सबसे अच्छी बात यह है कि सूरजमुखी कम जगह में भी अच्छे से उग सकते हैं, बशर्ते उनकी ठीक से देखभाल की जाए। इस पौधे को तेज़ धूप पसंद है, लेकिन ज़्यादा पानी या गलत तरह की मिट्टी इसकी ग्रोथ को रोक सकती है। आज हम आपको बताएंगे कि अपनी बालकनी में सूरजमुखी कैसे उगाएं, जिसमें ज़रूरी धूप, पानी और खाद की सही मात्रा भी शामिल है।
आपको बता दें की हर प्रकार के पौधे को लगाने का समय होता है उसी प्रकार सूरजमुखी लगाने का सबसे अच्छा समय वह होता है जब मौसम न तो बहुत ज़्यादा ठंडा हो और न ही बहुत ज़्यादा बारिश हो रही हो। आम तौर पर, बसंत यानी फरवरी से मार्च और गर्मियों की शुरुआत यानी जून से पहले सूरजमुखी के बीज बोने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस समय तापमान 20-30°C के बीच होता है, जो अंकुरण और ग्रोथ के लिए एकदम सही है। बहुत ज़्यादा ठंडे मौसम में बीज अच्छे से अंकुरित नहीं होते हैं, और लगातार भारी बारिश से जड़ें सड़ सकती हैं। वहीं अगर आप सूरजमुखी लगा रहे हैं, तो कम से कम 12-16 इंच गहरे गमले का इस्तेमाल करें। पक्का करें कि उसके नीचे ड्रेनेज होल हों। फिर मिट्टी तैयार करें। इसके लिए, 50% बगीचे की मिट्टी, 30% खाद (गोबर की खाद), और 20% रेत या कोको पीट मिलाएं। अब बीज बोने का समय है। गमले में बीज लगभग 1 इंच गहरा बोएं। हर गमले में सिर्फ़ 1-2 बीज ही बोएं, और हल्का पानी दें। सूरजमुखी के पौधे लगाने से ना सिर्फ आपको ताजगी मिलेगी बल्कि ये आपके दिन भर की थकान को, स्ट्रेस को भी रिलीज करने में मदद करता है। इसलिए अपनी बिजी लाइफ शेड्यूल से थोड़ा सा सयम निकल कर गार्डनिंग करना आपकी सेहत के लिए फायदे मंद होगा।
