सुन्नी डैम को 117 बीघा अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण, सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन

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शिमला। प्रदेश सरकार ने 382 मेगावाट क्षमता वाली सुन्नी डैम हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए अतिरिक्त निजी भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है। एमपीपी एंड पावर विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार परियोजना निर्माण के लिए 09-10-99 हेक्टेयर (117-12-11 बीघा) अतिरिक्त निजी भूमि की जरूरत बताई गई है। यह भूमि शिमला जिले की तहसील सुन्नी के मुंगना, लुणसू, जैशी और भराड़ा, तहसील कुमारसैन के मजरोग, तथा मंडी जिला की तहसील करसोग के भौरा, जकलीन, मगान, फफान, परलोग, बेलूढांक और खरयाली गांवों से अधिग्रहित की जाएगी। सरकार ने इस परियोजना को सार्वजनिक हित से जुड़ा बताते हुए अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण से पहले सोशल इम्पैक्ट

असेसमेंट कराया गया। यह अध्ययन सोशल इम्पैक्ट असेस्मेंट यूनिट ने किया, जबकि प्रारंभिक जांच जिला उपायुक्त शिमला और मंडी द्वारा गठित टीम ने पूरी की। रिपोर्ट के अनुसार किसी भी परिवार के विस्थापन की संभावना नहीं है। अधिसूचना के तहत प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनस्र्थापन के लिए शिमला के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) और मंडी के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया है। अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का पूरा ब्यौरा भी अधिसूचना में जारी किया है। सरकार ने भूमि अधिग्रहण अधिकारी, सुन्नी डैम परियोजना और उनके स्टाफ को जमीन पर प्रवेश कर सर्वेक्षण, नापजोख, स्तर जांच, खुदाई और उपमृदा परीक्षण की अनुमति भी दे दी है। नोटिफिकेशन में कहा है कि अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से संबंधित भूमि की खरीद-फरोख्त, बंटवारा, गिरवी या किसी भी प्रकार का लेनदेन बिना कलेक्टर की पूर्व अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। यदि किसी व्यक्ति को अधिग्रहण पर आपत्ति है, तो वह अधिसूचना प्रकाशन की तिथि से 60 दिनों के भीतर कलेक्टर, भूमि अधिग्रहण, सुन्नी डैम हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना, सुन्नी कार्यालय में दावा या आपत्ति दर्ज कर सकता है।