मुंबई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई (BCCI) ने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट को रीन्यू किया और इस तरह उनका कार्यकाल एक साल के लिए और बढ़ गया है। यह फैसला 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि टीम चयन में निरंतरता बनी रहे। हालांकि, अब से एक साल यानी जून 2027 तक के लिए उनके कार्यकाल का विस्तार हुआ है। अगले साल वनडे विश्वकप अक्तूबर-नवंबर में दक्षिण अफ्रीका में होना है। ऐसे में अगरकर के कार्यकाल को तब भी विश्व कप तक के लिए बढ़ाया जा सकता है। विश्व कप से ठीक पहले चयनकर्ता में बदलाव टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आपको बता दें की अगरकर की अगुआई में अक्तूबर 2023 से मार्च 2026 के बीच भारतीय टीम ने चार आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल खेले, जिनमें से तीन में जीत हासिल की। इसमें दो टी20 वर्ल्ड कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। ऐसे में उनका कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू होना लगभग तय माना जा रहा था।
वहीं बीसीसीआई के एक वरिष्ठ सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘अगरकर ने खुद एक्सटेंशन नहीं मांगा। चयनकर्ता अधिकतम चार साल तक काम कर सकता है, इसलिए उनका कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाया नहीं बल्कि रीन्यू किया गया है।’ सूत्रों के मुताबिक, अगरकर हमेशा चाहते थे कि उनका प्रदर्शन ही उनके भविष्य का फैसला करे। अगरकर के कार्यकाल में चयन समिति ने कई अहम और साहसी फैसले लिए। विराट कोहली और रोहित शर्मा के टेस्ट संन्यास को सिंपल तरीके से संभालने के साथ-साथ अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के रिप्लेसमेंट के तौर पर नए तेज गेंदबाजों को मौका देना शामिल है। इसके अलावा, टी20 वर्ल्ड कप में शुभमन गिल को बाहर कर फॉर्म में चल रहे ईशान किशन को मौका देना भी एक बड़ा और साहसी निर्णय रहा। बीसीसीआई का मानना है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले टीम में स्थिरता बेहद जरूरी है। अगरकर के बने रहने से चयन प्रक्रिया में निरंतरता बनी रहेगी और टीम को लंबी योजना के तहत तैयार किया जा सकेगा। मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ अगरकर की जुगलबंदी भी अभी तक शानदार रही है। हालांकि, टेस्ट में भारत को अपने घर में हार का मुंह देखना पड़ा है। इसे भी आने वाले समय में अगरकर सुधारने की कोशिश करेंगे।
