जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘बिरहोर के भाई’ के रूप में विख्यात पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘बिरहोर जननायक’ का विमोचन किया। यह पुस्तक उनके सामाजिक कार्यों, संघर्ष और बिरहोर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए किए गए योगदान को विस्तार से प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पद्मश्री जागेश्वर यादव का जीवन समाज सेवा और समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने बिरहोर आदिवासी समाज के विकास, शिक्षा और जागरूकता के लिए लगातार कार्य किया है। उनका सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति प्रतिबद्धता यह संदेश देती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और संवेदनशीलता से ही स्थापित होता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस प्रकार की पुस्तकें नई पीढ़ी को समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करती हैं। ‘बिरहोर जननायक’ न केवल एक व्यक्ति की जीवन यात्रा को दर्शाती है, बल्कि यह समाज में बदलाव और जागरूकता की दिशा में किए गए प्रयासों का भी दस्तावेज है। यह पुस्तक जागेश्वर यादव के संघर्षपूर्ण जीवन, उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों और बिरहोर समुदाय के उत्थान के लिए उनके योगदान को सामने लाती है। इसमें उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को सरल और प्रेरणादायक रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे पाठकों को सामाजिक कार्यों के प्रति प्रेरणा मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल को भी बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कृतियां समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं और आदिवासी समुदाय के विकास की दिशा में किए गए कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनती हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी पुस्तक को समाज के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि यह कृति न केवल जागेश्वर यादव के योगदान को सम्मान देती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत भी है। ‘बिरहोर जननायक’ पुस्तक के विमोचन को जिले में सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है, जो आदिवासी समाज के उत्थान और उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक कदम है।
