वॉशिंगटन। अमेरिका-ईरान की इस्लामाबाद में शांति वार्ता से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान कई कोशिशों के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोल नहीं सकता है। इसकी वजह ईरान द्वारा होर्मुज में बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगें हैं। आपको बता दें की ईरान ने होर्मुज को बंद करने के लिए बड़ी संख्या में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाई थीं। हालांकि, अब होर्मुज को खोलने के लिए तेहरान इनका पता लगाने में नाकाम हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के पास उन्हें हटाने की क्षमता भी नहीं है। आपको बता दें की न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के लिए यह स्थिति एक बड़ी बाधा साबित हो रही है। दरअसल, अमेरिका ने मांग की थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को आवागमन के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाए। यह मुद्दा ईरानी वार्ताकारों और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता के लिए भी एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। वहीं अमेरिका-इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बाद तेहरान ने छोटी नावों का इस्तेमाल कर होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगों का जाल बिछाया था। इन बारूदी सुरंगों के साथ-साथ ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों और अन्य जहाजों की संख्या को काफी कम कर दिया था।
वहीं इसकी वजह से ऊर्जा की कीमतें बढ़ गईं और ईरान को युद्ध में अपनी स्थिति मजबूत करने का एक बड़ा मौका मिला। हालांकि, ईरान ने होर्मुज में एक रास्ता खुला छोड़ दिया था, जिससे शुल्क का भुगतान करने वाले जहाजों को गुजरने की अनुमति मिल गई थी। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने जहाजों को समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराने की चेतावनी जारी की है। वहीं, अर्ध-सरकारी समाचार संगठनों ने सुरक्षित मार्गों को दिखाने वाले चार्ट जारी किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ये सुरक्षित मार्ग सीमित हैं, जिसका एक बड़ा कारण यह है कि ईरान ने जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को अव्यवस्थित तरीके से बिछाया था। यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान ने हर बारूदी सुरंग की सटीक स्थिति दर्ज की थी या नहीं। यहां तक कि जब स्थानों को दर्ज भी किया गया था, तो कुछ बारूदी सुरंगों को इस तरह से रखा गया था कि वे बह सकती थीं या हिल सकती थीं।
