रश्मिका मंदाना का अनोखा साड़ी स्टाइल: उल्टी प्लीट्स में निभाया सदियों पुराना रिवाज, सादगी ने जीता फैंस का दिल

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नई दिल्ली। विजय देवरकोंडा से फरवरी में शाही अंदाज में शादी रचाने के बाद अब रश्मिका मंदाना ने अपने होमटाउन कूर्ग में रिसेप्शन रखा। जिसमें परिवार और करीबी लोग शामिल हुए, तो दुल्हनिया का उल्टी प्लीट्स वाली साड़ी पहनने वाला अंदाज छा गया। जिसकी फोटोज सामने आने के बाद से ही हर कोई उनके साड़ी पहनने के अंदाज की बात कर रहा है, जो पारंपरिक ड्रेप से काफी अलग है और सदियों पुराना इतिहास अपने अंदर संजोए हुए है। दरअसल, रश्मिका ने कोडवा स्टाइल में साड़ी को ड्रेप किया, जिस कम्यूनिटी से वह आती हैं। जिसे पहनने का तरीका नॉर्मल साड़ी से एकदम अलग और उल्टा होता है। तभी तो उनके लुक पर सबकी नजरें ठहर गईं। जिसे उन्होंने पारंपरिक जूलरी के साथ पहना और देसी रूप से दिल जीत गईं। वहीं, विजय भी अपना डैशिंग अवतार दिखा गए। लेकिन, नजरें रश्मिका पर रहीं, तो चलिए उनके लुक के बारे में जानते हैं।

आपको बता दें की ​रश्मिका ने रिसेप्शन लुक के लिए पिंक और ऑलिव ग्रीन कलर की कांजीवरम साड़ी को पिक किया। जिसे सुनहरी जरी से सजाया गया, तो इसके कोडवा स्टाइल में उन्होंने बैक पर प्लीट्स बनाकर ड्रेप किया। जिससे साड़ी को नॉर्मल से अलग लुक मिला, तो साथ में मैचिंग हाफ स्लीव्स ब्लाउज पहनकर उन्होंने इसे खूबसूरत लुक दिया। कोडवा स्टाइल साड़ी यूं कहे कि कूर्ग ड्रेप साड़ी कर्नाटक के कोडागु समुदाय की महिलाओं के पारंपरिक साड़ी पहनने का स्टाइल है। इसमें साड़ी की प्लीट्स आगे नहीं, पीछे बनती हैं। पल्लू को पीछे से लाकर राइट शोल्डर पर सामने की तरह पिन किया जाता है और फिर ब्रोच लगाकर उसे सिक्योर किया जाता है। जैसे रश्मिका के लुक में नजर भी आ रहा है। आखिरी टच इसे वेस्ट पर कमरबंध बांधकर दिया जाता है। साड़ी पहनने का यह तरीका सदियों पुरानी परंपरा है, जो कूर्ग के कोडावा समुदाय में चली आ रही है। वैसे तो इसका सटीक इतिहास बताना मुश्किल है, क्योंकि यह प्राचीन समय से कुडावा की महिलाओं की पहचान रही है, लेकिन माना जाता है कि यह 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है। जिसे वेडिंग, फेस्टिव और शुभ मौकों पर महिलाएं पहनती हैं। याद हो तो हैदराबाद में कपल के वेडिंग रिसेप्शन में रश्मिका की मां ने कोडवा स्टाइल में ही पिंक साड़ी पहनी थी।

वहीं कूर्ग (कोडागु), कर्नाटक में पश्चिमी घाटी पर स्थित पहाड़ी इलाका है। जहां कॉफी के बागानों में काम होता है और पहाड़ी इलाके में महिलाओं का आना- जाना रोजाना का रहता है। ऐसे में वहां के लाइफस्टाइल और काम-काज को देखते हुए यह ड्रेप प्रेक्टिल और कंफर्टेबल बन गया। पीछे प्लीट्स और आगे पल्लू होने से उन्हें चलने में आसनी रहती थी। समय के साथ ये स्टाइल कूर्ग की पहचान का प्रतीक बन गया और अब महज फैशन नहीं बल्कि कल्चर को रिप्रेजेंट करता है। रश्मिका ने अपने लुक को पारंपरिक कोडावा जूलरी के साथ स्टाइल किया। उन्होंने Pathak नेकलेस और Kokkethathi पेंडेंट पहना, तो काले धागे और गोल्ड बीड्स वाला लेयर्ड हार भी गले में नजर आ रहा है। जहां पेंडेंट में देवी लक्ष्मी का चित्र है, तो सोने के कंगन, झुमके और साड़ी को ड्रेप करने वाला मोर स्टाइल ब्रोच भी बढ़या लगा। स्लीक बन बनाकर रश्मिका ने गजरा लगाया और माथे पर छोटी- सी बिंदी से ट्रेडिशनल चार्म ऐड कर दिया। कांजीवरम साड़ी तमिलनाडु के कांचीपुरम शहर में बनती हैं। जिसे प्योर सिल्क से बनाया जाता है, जो देखने में थोड़ी मोटी और भारी लगती है। इस पर असली सोने- चांदी की जरी होती है, जिस पर मंदिर, फूलों और पक्षियों जैसे डिजाइन बनाए जाते हैं। आखिर में विजय के लुक की बात करते हैं, जो ब्लैक एंड वाइट कपड़ों में अपना क्लासी रूप दिखा गए। प्लेन वाइट शर्ट को उन्होंने ब्लैक ब्लेजर के साथ पेयर किया, जिस पर सिल्वर डिटेलिंग से शेर जैसे पैटर्न कुछ- कुछ दूरी पर बने हैं। वहीं, मैचिंग ट्राउजर डाल उन्होंने लुक पूरा किया और पत्नी रश्मिका के देसी रूप को कॉम्प्लिमेंट कर गए।