बस्तर से नक्सलवाद लगभग खत्म, संसद में ‘नक्सल मुक्त भारत’ चर्चा पर बोले अमित शाह

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नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में नक्सल मुक्त भारत पर चर्चा की। उन्होंने इस दौरान एक महत्वपूर्ण बयान दिया। शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद लगभग पूरी तरह समाप्त हो चुका है। शाह ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की सफलता और विकास कार्यों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि बस्तर के हर गांव में स्कूल और राशन की दुकानें खोलने की मुहिम चली। शाह ने सवाल किया कि 2014 में मोदी सरकार आने के बाद देश के हर गरीब को घर, गैस, शुद्ध पानी, पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा और प्रति व्यक्ति प्रतिमाह पांच किलो मुफ्त अनाज मिला। लेकिन बस्तर वाले क्यों छूट गए थे, क्योंकि वहां लाल आतंक की परछाई थी। मोदी सरकार में वह परछाई हट गई है, जिससे बस्तर विकास कर रहा है।

अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि 75 साल में 60 साल तो शासन आपने किया, आदिवासी अभी तक विकास से क्यों महरूम रहे? आदिवासियों का विकास तो अब पीएम मोदी कर रहे हैं। 60 साल आपने (कांग्रेस) उन्हें घर नहीं दिया, पानी नहीं दिया, स्कूल नहीं बना, बैंक की फैसिलिटी नहीं पहुंचने दिया, इसलिए पहले थोड़ा अपनी गिरेबान में झांककर देखो कि दोषी कौन है।

वामपंथी विचारधारा से नक्सलवाद फैला
शाह ने वामपंथी विचारधारा को नक्सलवाद फैलने का कारण बताया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने भी राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए इसे स्वीकार किया था। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी माओवादियों को देश की आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या माना था, पर कुछ नहीं हुआ। 2014 में परिवर्तन आया और मोदी सरकार में कई पुरानी समस्याओं का निराकरण हुआ।

‘आदिवासी समुदाय की आवास संसद में नहीं उठी’
गृह मंत्री ने रेड कॉरिडोर के बारह राज्यों और आदिवासी समाज की ओर से इस बहस के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय वर्षों से चाहता था कि उनकी स्थिति संसद में उठे। वे चाहते थे कि उनकी समस्याओं को दुनिया जाने और उन पर ध्यान दिया जाए। लंबे समय तक उन्हें अपनी बात रखने का यह महत्वपूर्ण अवसर नहीं मिला था। अब उनकी आवाज राष्ट्रीय मंच पर पहुंच पाई है, जिससे उन्हें उम्मीद है। अमित शाह ने आदिवासी विधायकों और सांसदों से सीधा सवाल किया। उन्होंने पूछा कि आपने तो अपना व्यक्तिगत विकास कर लिया है। लेकिन आदिवासी जनता का आपने कितना विकास किया है, इसका जवाब दें। यह प्रश्न आदिवासियों के वास्तविक उत्थान और उनके प्रतिनिधियों की भूमिका पर केंद्रित था।‘छत्तीसगढ़ का बस्तर नक्सल मुक्त लगभग’

गृह मंत्री ने बस्तर में नक्सलवाद की समाप्ति को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने सुरक्षा बलों के अथक प्रयासों और बलिदान को इसका श्रेय दिया। यह बयान सरकार के नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। सरकार का दृढ़ संकल्प है कि पूरे देश को जल्द से जल्द नक्सल मुक्त बनाया जाए।

गृह मंत्री का पूर्व पीएम पर निशाना
लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हथियारी माओवादियों को देश की आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या स्वीकार किया था। हालांकि, उनके कार्यकाल में इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। 2014 में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रधानमंत्री मोदी के शासन में कई महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान हुआ।

‘मोदी सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए’
अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35ए को हटाया गया। अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हुआ। वस्तु एवं सेवा कर को पूरे देश में सफलतापूर्वक लागू किया गया। विधायी मंडलों में मातृ शक्ति को 33 प्रतिशत का आरक्षण प्रदान किया गया। ये सभी बड़े काम आजादी के बाद से ही देश की जनता चाहती थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन लंबित कार्यों को पूरा किया गया। सरकार ने देश के विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प: सीएम साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस से छत्तीसगढ़ में चार दशकों से अधिक समय से विकास में बाधक बने नक्सलवाद को जड़ से खत्म किया जा रहा है। सीएम साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के समन्वय से नक्सल समस्या का समाधान तेजी से हो रहा है।

मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद मुक्त बनाने का लक्ष्य: BJP सांसद संतोष पाण्डेय
लोकसभा में सोमवार को नक्सलवाद पर हुई चर्चा के दौरान कबीरधाम-राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अब नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ रहा है।सांसद संतोष पाण्डेय ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की सख्त नीति, सुरक्षा बलों के लगातार ऑपरेशन और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ को लेकर बड़ा दावा किया कि मार्च 2026 तक प्रदेश को पूरी तरह नक्सलवाद मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। यह सिर्फ घोषणा नहीं, बल्कि केंद्र सरकार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार, सुरक्षा बलों और आम जनता के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।संतोष पाण्डेय ने कहा कि लगातार हो रही कार्रवाई, नक्सलियों का सरेंडर और विकास कार्यों ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है। अब गांव-गांव में विश्वास और सुरक्षा का माहौल बन रहा है। उन्होंने प्रदेश पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और जवानों के अदम्य साहस, समर्पण और बलिदान को इस लड़ाई की सबसे बड़ी ताकत बताया। सांसद के अनुसार, इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ अब शांति और विकास की नई राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।