चंडीगढ़। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंग हुड्डा ने राज्य सरकार की गेहूं खरीद व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार की नीयत में खोट है और वह MSP पर फसल खरीद को लेकर गंभीर नहीं है।
हुड्डा ने कहा कि, सरकार द्वारा लागू किए जा रहे बायोमैट्रिक सत्यापन, ट्रैक्टर-ट्रॉली नंबर और अन्य तकनीकी नियम किसानों के लिए परेशानी पैदा कर रहे हैं। उनका दावा है कि, इन नियमों का उद्देश्य किसानों को मंडियों में आने से रोकना है, ताकि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ न मिल सके। उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि, यह पूरा सिस्टम एक संभावित घोटाले की ओर इशारा करता है। हुड्डा के अनुसार, पहले धान और आलू की खरीद में अनियमितताओं के बाद अब गेहूं खरीद में भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। उनका कहना है कि, सरकार किसानों को मंडियों से दूर रखने की रणनीति अपना रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि, उस समय किसान बिना किसी कठिनाई के अपनी फसल सीधे मंडियों में बेच पाते थे और किसी प्रकार की जटिल प्रक्रिया नहीं थी। उन्होंने कहा कि, वर्तमान व्यवस्था किसानों के लिए अनावश्यक बाधाएं खड़ी कर रही है। हुड्डा ने आरोप लगाया कि, सरकार चाहती है कि किसान मजबूरी में अपनी फसल बाहर ही कम दामों पर बेच दें, ताकि MSP का लाभ देने से बचा जा सके। उन्होंने इस नीति को किसान विरोधी बताते हुए तत्काल सुधार की मांग की है।
