मुंबई। आईपीएल 2026 में जसप्रीत बुमराह जैसा घातक गेंदबाज लगातार पांच आईपीएल मैचों में विकेट न ले, यह सुनकर किसी को भी हैरानी होगी। आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस के आखिरी मैच से लेकर आईपीएल 2026 के चार मुकाबलों तक बुमराह का विकेट कॉलम खाली है। क्रिकविज के आंकड़ों के मुताबिक, बुमराह 122 गेंदें बिना विकेट लिए फेंक चुके हैं, जो उनके आईपीएल करियर का सबसे लंबा विकेटलेस स्पैल है। हालांकि, रविचंद्रन अश्विन ने इस पूरे मुद्दे को अलग नजरिए से देखने की सलाह दी है। इसके अलावा अश्विन ने हार्दिक पांड्या की खराब कप्तानी पर भी निशाना साधा है। आपको बता दें की अश्विन ने बुमराह के समर्थन में खुलकर बात की और कहा कि सिर्फ विकेट न मिलने को मुद्दा बनाना टीम के लिए नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘बुमराह के विकेट न लेने की बात को ज्यादा बढ़ाना टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उनका यॉर्कर डालना और हर रन को रोकना, खासकर वानखेड़े जैसे मैदान पर, विकेट लेने से भी ज्यादा अहम है।’
वहीं अश्विन ने यह भी बताया कि टी20 क्रिकेट में गेंदबाजी साझेदारी में होती है और हर गेंदबाज को लगातार ओवर नहीं मिलते, जिससे विकेट लेने की संभावना प्रभावित होती है। उन्होंने कहा, ‘जब आप लगातार ओवर नहीं डालते, तो आपकी विकेट लेने की क्षमता आपके दूसरे गेंदबाजों पर भी निर्भर करती है। टी20 में बॉलिंग यूनिट को एक डिफेंसिव ग्रुप की तरह काम करना होता है।’ भले ही बुमराह विकेट नहीं ले पा रहे, लेकिन उनकी इकोनॉमी अभी भी टीम के लिए राहत की बात है। आरसीबी के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 35 रन दिए, जो उस मैच में एमआई के सबसे किफायती गेंदबाज थे। जब आरसीबी ने 240 रन जैसा विशाल स्कोर बनाया, तब भी बुमराह ने रन रोकने में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले उन्होंने केकेआर के खिलाफ इस सीजन मुंबई के पहले मैच में भी चार ओवर में 35 रन दिए थे, जबकि दिल्ली के खिलाफ चार ओवर में 21 रन दिए थे। राजस्थान के खिलाफ बुमराह थोड़े महंगे रहे थे और तीन ओवर में 32 रन खर्च किए थे। हालांकि, इन चारों मैचों में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला।
वहीं जहां एक तरफ अश्विन ने बुमराह का बचाव किया, वहीं दूसरी ओर हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर उन्होंने खुलकर सवाल उठाए। अश्विन ने खासतौर पर उस फैसले को गलत बताया, जब रजत पाटीदार के सामने स्पिनर मयंक मार्कंडे को गेंद थमा दी गई। अश्विन ने 2024 के एक मैच का उदाहरण देते हुए बताया कि पाटीदार पहले भी स्पिनर्स के खिलाफ खतरनाक साबित हो चुके हैं। इसके बावजूद एमआई ने वही रणनीति अपनाई। उन्होंने कहा, ‘रजत पाटीदार स्पिन के खिलाफ खतरनाक बल्लेबाज हैं। जब वह बल्लेबाजी के लिए आए, तो आपने तुरंत मार्कंडे को गेंद दे दी? यह बिल्कुल समझदारी भरा फैसला नहीं था, बहुत ही औसत निर्णय था।’ पाटीदार ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और मार्कंडे के ओवर में लगातार तीन छक्के जड़ दिए। एमआई के स्पिनर्स इस मैच में पूरी तरह फ्लॉप रहे। मयंक मार्कंडे ने दो ओवर में 40 रन लुटाए, जबकि मिचेल सैंटनर ने चार ओवर में 43 रन दिए। अश्विन ने इस पर भी टिप्पणी की, ‘यहां फर्क 210 और 240 रन के बीच का है। मार्कंडे ने दो ओवर में 40 रन दिए और कुल मिलाकर स्पिनर्स ने छह ओवर में 83 रन दे दिए।’ यानी कप्तानी के फैसलों ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। मुंबई इंडियंस को आरसीबी के खिलाफ 18 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार में सिर्फ बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं, बल्कि रणनीतिक गलतियां भी बड़ी वजह रहीं। बुमराह का विकेट न लेना भले ही चर्चा में है, लेकिन असली समस्या टीम की बॉलिंग प्लानिंग और कप्तानी के फैसलों में नजर आई।
