नई दिल्ली। उत्तराखंड की देवभूमि एक बार फिर भक्तों के स्वागत के लिए तैयार हो रही है। हर हिंदू का यह सपना होता है कि वह अपने जीवन में कम से कम एक बार चार धाम की पवित्र यात्रा पर जरूर जाए। दरअसल जैसे ही गर्मियों का मौसम दस्तक देता है, इन पहाड़ियों में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगती है। बता दें, यह सिर्फ एक सफर नहीं है, बल्कि सदियों से चली आ रही एक अटूट आस्था है। वहीं अगर आप भी इस साल इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि मंदिरों के कपाट कब खुल रहे हैं और इसकी बुकिंग कैसे की जाती है।
आपको बता दें की साल 2026 में आस्था के इस सबसे बड़े सफर की शुरुआत 19 अप्रैल से होने जा रही है (Char Dham Yatra 2026)। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह दिन ‘अक्षय तृतीया’ का है जिसे बेहद पावन और शुभ माना जाता है। इसी दिन से यात्रा का विधिवत आरंभ होगा और सबसे पहले यमुनोत्री व गंगोत्री मंदिरों के दरवाजे दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए जाएंगे। यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026, गंगोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026, केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल 2026, बद्रीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026 वहीं, इस यात्रा पर जाने के लिए सरकार की तरफ से रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य किया गया है। आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से बिना किसी परेशानी के इसे खुद कर सकते हैं। सबसे पहले उत्तराखंड पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (uttarakhandtourism.gov.in) को खोलें। अपना पूरा नाम और चालू मोबाइल नंबर डालकर एक अकाउंट बनाएं और OTP के जरिए इसे प्रमाणित करें।
पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद ‘Create/Manage Tour’ वाले विकल्प को चुनें। अब अपनी सुविधानुसार यात्रा की तारीखें और उन धामों का चुनाव करें जहां आपको दर्शन करने हैं। आपके साथ जा रहे सभी यात्रियों की सही डिटेल्स भरें और उनकी फोटो अपलोड करें। स्लॉट की उपलब्धता के आधार पर अपनी अंतिम तारीख चुनें और फॉर्म को सबमिट कर दें। प्रक्रिया पूरी होते ही आपको एक QR कोड वाला यात्रा पास मिल जाएगा। इसे डाउनलोड करके इसका प्रिंट निकाल लें और यात्रा के दौरान अपने पास सुरक्षित रखें।
वहीं ऊंचाई वाले इन पहाड़ी रास्तों का सफर बहुत सुंदर होता है, लेकिन यहां मौसम और रास्तों की कुछ चुनौतियां भी होती हैं। इसलिए निकलने से पहले कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
जरूरी कागज: अपनी पहचान साबित करने के लिए अपना ‘आधार कार्ड’ और ‘यात्रा पास’ हमेशा अपने साथ रखें।
मेडिकल चेकअप: पहाड़ों की ऊंचाई और हवा का दबाव हर किसी को सूट नहीं करता, इसलिए यात्रा पर जाने से पहले किसी डॉक्टर से अपना हेल्थ चेकअप जरूर करवा लें।
मौसम के कपड़े: पहाड़ों पर अचानक ठंड बढ़ सकती है या बारिश हो सकती है। इसलिए अपने बैग में हमेशा पर्याप्त गर्म कपड़े और एक रेनकोट जरूर रखें।
अपनी चार धाम यात्रा की योजना अभी से बना लें और समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन करवाना न भूलें, ताकि आपको ऐन मौके पर किसी तरह की असुविधा न हो।
