गुरु दोष के संकेत और उसके उपाय जीवन में महत्वपूर्ण माने जाते हैं. सबसे पहले इसके प्रमुख संकेत समझना आवश्यक है. यदि किसी व्यक्ति की शादी में लगातार देरी हो रही है या वैवाहिक जीवन में सामंजस्य की कमी है, तो यह गुरु दोष का संकेत हो सकता है. शिक्षा में बाधाएं आना, पढ़ाई में मन न लगना या बार-बार असफलता मिलना भी इसके लक्षण हैं. कई बार व्यक्ति मेहनत करता है, लेकिन काम पूरे नहीं होते या बीच में अटक जाते हैं. इसे भी कमजोर गुरु की निशानी माना जाता है. वहीं इसके अलावा, यदि व्यक्ति में बड़ों के प्रति सम्मान की कमी हो, व्यवहार में संस्कारों की कमी हो या चरित्र में अस्थिरता हो, तो यह भी गुरु दोष से जुड़ा हो सकता है. आर्थिक स्थिति का कमजोर होना, धन कमाने में कठिनाई, साथ ही स्वास्थ्य समस्याएं जैसे लीवर, किडनी, पेट या सांस से जुड़ी परेशानियां भी इसके संकेत हैं. ऐसे लोगों के शत्रु बढ़ते हैं और उन्हें धोखा मिलने की संभावना भी अधिक रहती है.
वहीं अब उपायों की बात करें तो गुरुवार का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन सुबह स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें और हल्दी या केसर का तिलक लगाएं. पूजा स्थल पर भगवान की विधि-विधान से पूजा करें और ओम वृं बृहस्पतये नमः मंत्र का 108 बार जाप करें. पीले फूल, चने की दाल, गुड़ और बेसन के लड्डू अर्पित करना शुभ माना जाता है. गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान जैसे हल्दी, केले, पीले वस्त्र या पुस्तकें करना भी लाभकारी होता है. केले और तुलसी के पौधे की पूजा करें और जल अर्पित करें. इस दिन नमक का सेवन न करें और संभव हो तो व्रत रखें. सबसे महत्वपूर्ण उपाय है-अपने गुरु, माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करना और उनका आशीर्वाद लेना. नियमित रूप से इन उपायों को करने से जीवन में स्थिरता, ज्ञान और सौभाग्य बढ़ता है.
