तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान से छिड़ी जंग 27वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से दावा किया है कि तेहरान के शीर्ष नेतृत्व के साथ युद्ध रोकने को लेकर बातचीत जारी है। हालांकि, ईरान की ओर से संघर्ष विराम को लेकर बातचीत से इनकार किया गया है। युद्ध रोकने के दावों और इनकार की इस हुज्जत में ट्रंप की इज्जत दांव पर लग गई है। वहीं, कई अंतराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी गई हैं। इसे आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता करने जा सकते हैं। वहीं रिपोर्ट्स के अनुसार संघर्ष विराम के लिए इसी हफ्ते इस्लामाबाद में जेडी वेंस एक उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हो सकते हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि वेंस के साथ अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर भी इस बैठक में शामिल होंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस ओर संकेत दिए थे।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता के लिए जेडी वेंस को अपनी पहली पसंद बताया है। ईरान के अधिकारियों ने कहा कि वह अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ या जेरेड कुशनर के साथ बातचीत नहीं करना चाहता। ईरानी अधिकारियों ने साफ किया कि पिछली बार इन नेताओं के साथ बातचीत के कुछ ही समय बाद तेहरान पर सैन्य हमले शुरू हो गए थे। ईरान की ओर से इन अधिकारियों पर भरोसा नहीं जताया गया है। वहीं, जेडी वेंस पहले से ही मध्य पूर्व के संघर्षों में अमेरिका के उलझने के खिलाफ साफ रुख अपनाते रहे हैं। ईरान का मानना है कि जेडी वेंस इस युद्ध को जल्द खत्म कराने में व्यावहारिक और अहम भूमिका निभा सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की ओर से इस संभावित बैठक में संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गलिबाफ वार्ता का नेतृत्व कर सकते हैं।
