रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में कोंडागांव जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न कार्यक्रमों के भुगतान का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। भाजपा विधायक लता उसेंडी ने जिले में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
विधायक उसेंडी ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से पूछा कि कोंडागांव जिले में कितने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं तथा इनकी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों से कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि समय-समय पर कई जनप्रतिनिधियों के आवेदन विभाग को प्राप्त हुए हैं, जिनका परीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप होने पर संबंधित कार्य भारत सरकार या राज्य सरकार की योजना के तहत किए जाते हैं।
इस दौरान विधायक लता उसेंडी ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों के संचालन को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जिले में जब स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम आयोजित होते हैं तो उन्हें निर्देशित करने वाला अधिकारी कौन होता है। इस पर मंत्री जायसवाल ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों का संचालन HNM के माध्यम से किया जाता है, जबकि राज्य स्तर के कार्यक्रमों में कलेक्टर के निर्देशन में निचले स्तर तक के अधिकारी कार्य करते हैं।
विधायक ने यह भी सवाल किया कि कार्यक्रमों के संचालन के आदेश मौखिक होते हैं या लिखित। इस पर मंत्री ने कहा कि बड़े कार्यक्रम सामान्यतः लिखित आदेशों के आधार पर होते हैं, हालांकि कुछ छोटे कार्यक्रम मौखिक निर्देशों पर भी आयोजित हो जाते हैं।
कोंडागांव जिले में कई कार्यक्रमों का भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए विधायक उसेंडी ने कहा कि कई कार्यक्रम ऐसे हैं जिनकी जानकारी है, लेकिन उनका भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।
विधायक ने आगे पूछा कि मौखिक और लिखित दोनों प्रकार के कार्यक्रमों का भुगतान किया जाएगा या नहीं और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन होगा। मंत्री ने जवाब दिया कि जिन कार्यक्रमों के लिखित दस्तावेज उपलब्ध होंगे उनका भुगतान निश्चित रूप से कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में मौखिक निर्देशों के आधार पर कार्यक्रम आयोजित होने की जानकारी मिलती है तो उस पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
भुगतान की समय-सीमा को लेकर पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाते हैं तो नए वित्तीय वर्ष में उनका भुगतान करा दिया जाएगा। साथ ही विधायक ने गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। इस पर मंत्री ने कहा कि संबंधित मामलों की जानकारी अलग से उपलब्ध करा दी जाएगी।
कार्यक्रमों के लिखित दस्तावेज उपलब्ध होंगे उनका भुगतान निश्चित रूप से कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में मौखिक निर्देशों के आधार पर कार्यक्रम आयोजित होने की जानकारी मिलती है तो उस पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी।
भुगतान की समय-सीमा को लेकर पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाते हैं तो नए वित्तीय वर्ष में उनका भुगतान करा दिया जाएगा। साथ ही विधायक ने गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। इस पर मंत्री ने कहा कि संबंधित मामलों की जानकारी अलग से उपलब्ध करा दी जाएगी।
हालांकि विधायक लता उसेंडी ने इस पर जोर देते हुए कहा कि दोषी अधिकारियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी सदन में ही रखी जानी चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। इस मुद्दे पर सदन में कुछ समय तक चर्चा भी होती रही।
