छत्तीसगढ़ विधानसभा : सड़क हादसों में बढ़ती मौतों का उठा मुद्दा, ट्रामा सेंटर की कमी पर विपक्ष का हमला

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनसे हो रही मौतों का मुद्दा जोर-शोर से उठा। विधायक राघवेंद्र सिंह ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कई मामलों में लोगों की मौत हो रही है। उन्होंने सरकार से पूछा कि दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों के पीछे आखिर मुख्य कारण क्या हैं और इन्हें रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।

इस पर जवाब देते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोगों की लापरवाही भी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सड़क हादसों में होने वाली मौतों का अनुपात कम करना है और इसके लिए जागरूकता के साथ-साथ कार्रवाई भी की जा रही है।

विधायक राघवेंद्र सिंह ने जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार अकलतरा क्षेत्र में वर्ष 2024-25 में सड़क दुर्घटनाओं से मौतों में इजाफा हुआ है, जबकि वर्ष 2026 में भी अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने पूछा कि आखिर दुर्घटनाओं के मामले बढ़ने के पीछे क्या कारण हैं और ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में भारी और हल्के वाहनों पर कितनी कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जब सरकार कार्रवाई का दावा कर रही है तो उसके स्पष्ट आंकड़े भी सामने आने चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कई मामलों में ट्रामा सेंटर की सुविधा नहीं होने के कारण भी घायल लोगों की जान चली जाती है।

इस पर मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले में वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2023 में 29 हजार 104, वर्ष 2024 में 39 हजार और वर्ष 2025 में 41 हजार वाहनों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि ट्रामा सेंटर की व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग काम कर रहा है और जरूरत के अनुसार सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

इस दौरान विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि बड़े वाहनों पर विशेष अभियान चलाकर सख्त चेकिंग की जानी चाहिए। साथ ही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बायपास सड़कों और ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाओं को भी जल्द विकसित करना जरूरी है।

सदन में चर्चा के दौरान वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अंतर्विभागीय समिति बनाई गई थी। ऐसे में यह तय होना चाहिए कि दुर्घटनाओं के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है और जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से लगातार हो रही मौतें गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जहां मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं वहां क्रिटिकल केयर यूनिट और ट्रामा सेंटर भी स्थापित किए जाने चाहिए ताकि दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।

मंत्री केदार कश्यप ने नेता प्रतिपक्ष के सुझाव का स्वागत करते हुए कहा कि इस दिशा में गंभीरता से विचार कर अमल किया जाएगा। सदन में इस मुद्दे पर हुई चर्चा के बाद सड़क सुरक्षा आपात चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।